Tuesday, January 8, 2008

बूझो तो जानें ..

क्या आप बता सकते हैं कि यह क्या है ?


10 comments:

Pratyaksha said...

जली हुई लकड़ी का कुन्दा ?

Vivek Rastogi said...

बिल्कुल सही ।

अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi said...

चौकीदार के रात भर के श्रम का फल ?

Aflatoon said...

आकृति पर भी कल्पना करनी है ?

अविनाश वाचस्पति said...

काला कोयला कहें या कहें आज राख
इसके अंदर छिपी रही रात भर आग
लगता है देखकर डर आता है मजा
जिसने खींच कर सहेजा वो सुजाता

notepad said...

हाँ सही प्रत्यक्षा ! -4 डिग्री तापमान में रात को पहाड की रोडसाइड दुकान के सामने लकडियों को जलाकर आग तपने के बाद बचा अवशेष है यह ।

राज भाटिय़ा said...

मुझे तो क्रिकेट टीम का कोई बन्दर लगता हे,जो भारतिया टीम से जलभुन कर ऎसा दिख रहा हे जेसे किसी पेड की जली हुई जड हो.

संजय बेंगाणी said...

बड़े सर वाला मगरमच्छ :)

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Tarun said...

लकड़ी है जली हुई, हमने ऐसी बहुत लकड़ियों को जलाकर आग तापी है।