Thursday, July 12, 2007

अपना ब्लॉग हिट करें !

आज तक न जाने कितने लोगों ने हमें अपना ब्लॉग हिट करने के तरीके बताए ।पंगेबाज जी ने तो किसी के जूते उधार लेकर और उन्हे दिखा दिखा कर हिट होने के 5 तरीके बताए ।उनके एक तरीके को आलोक जी पूरी निष्ठा से फॉलो कर रहे हैं। कैसे ?अजी जा कर देखिये आजकल उनकी हर पोस्ट ब्रह्म मुहूर्त में 4 से 6 बजे के बीच प्रकाशित होती है और उनका खिलता चेहरा सारा दिन नारद पर दिखलाई देता रहता है ।और समीर जी ने ‘मान गये कवि “ को हिट करने का राज़ भी बताया ही था । ऐरी गैरी नही विशेषज्ञों की टिप्पणीयाँ पाने के तरीके भी टिप्पेषणा-पीडितों के लिए रवि जी ने बतलाए है ।इतना ही नही-उनकी इस निस्वार्थ हिन्दी सेवा मे‍--------
"दूसरों के चिट्ठों पर डलवाने हेतु असभ्य, गाली-गलौज वाली टिप्पणियों हेतु प्रीमियम सेवा भी उपलब्ध है."
पर ध्यान रहे------
" इसके लिए ऊपर दिए रेट में ढाई सौ प्रतिशत प्रीमियम लिया जावेगा."
तो ई तो ठहरा महन्गा सौदा ।अब हम भी कुछेक किफ़ायती ,घरेलू नुस्खे बता देते हैं । वैसे बताने नही वाले थे । पर ये नुस्खे भी ब्लॉग हिट करवा सकते है ।क्यों ? तो कद्रदान !मेहरबान !
* हिट दोप्रकार के उपलब्ध हैं –काला हिट और लाल हिट । काला वाला है मच्छरों के लिए और लाल वाला कॉक्रोचिज़ के लिए ।यू नो ?तो पहले यह डिसाएड कीजिए कि आप किस श्रेणी में हैं ।
@इसका इस्तेमाल बडा आसान है ।अपना ब्लॉग खोलिए ।हिट का कैप हटाइए । स्प्रे कीजिए । ज़्यादा असर के लिए यही क्रिया दोहराइए । *दूसरा हिट करने का तरीका – जितना ज़ोर से हिट करना हो उतना ही दमदार जूता [गोला शू ,भीगा चमडे का जूता , खटारा पनहिया ,या कोमल मन वाले हो तो जनानी जुत्ती भी ले सकते हो ] अब अपना ब्लॉग खोलिए और ‘’’पटैक .............##@@ ज़ोर से हिट करिए ।जितना चाहे उतना हिट करिए ,करते रहिए जब तक कि सबसे ज़्यादा हिट वाले ब्लॉगर न बन जाएँ ।
****इन नुस्खों की खासियत यह है कि ये स्वावलम्बन की प्रेरणा उत्पन्न करते हैं । आपको अपना ब्लॉग हिट करने के लिए किसी की टिप्पणियो की ,किसी लोकप्रियता सूची की ,सक्रियता क्रम की या किसी भी धडाधड स्वामी की ज़रूरत नही पडेगी ।यानी हिटिंग में टोटल आत्मनिर्भरता ! **** आप निश्चिंत होकर”””” ब्लॉगिंग फॉर ब्लॉगिंग सेक”” कर सकते है । किसी से रिश्तेदारी बढाए बिना ,फालतू मे औपचारिअकता दिखाए बिना । केवल वह कह सकते है जो कहना चाहते हैं ।इससे भाई-चारा निभाने की आवश्यकता खत्म होती है ।
**ब्ळागुनिया -----सारी! ----चिकन्गुनिया से अपने ब्लाग की हिफ़ाज़त करें।
****अब हे हे हे कर के पीठ खुजाने और खुजलाने का निमंत्रण देने की भी आवश्यकता नही । *****चाहें तो पहले छोटा हिट आज़मा कर देखें 75 रु.इंट्रोडक्टरी ऑफर !



*****जल्दी करें ऑफर सिर्फ टिप्पणी मिलने पर..............

13 comments:

काकेश said...

आपके कहेनुसार अपने ब्लॉग को हिट किये फुल्टू 6 जूते 3 जूती और 2 चप्पल लगाये... ब्लॉग तो हिट हो गया पर ये मोनिटर क्यों काला हो गया. क्या ये हिट होने का साइड इफेक्ट है कि हिट होंगे तो मुंह काला होगा टाइप..बताइये ..संकट से उबारिये ना मदाम...

ALOK PURANIK said...

जी मान गये रिन सुपर को और आपकी पारखी नजर को कि ब्रह्म मुहूर्त वाले फंडे को पकड़ लिया। वैसे करीब एक दर्जन और नुस्खे हैं, इस खाकसार के पास कथित तौर पर हिट होने के, पर वो ऐसे नहीं बताये जायेंगे। वो विस्तार से हिट-पुराण में बताये जायेंगे।
वैसे, अपने लिंकित मन को जरा इस विषय पर भी लिंक कीजिये कि कैसे ब्लागर्स मीट की बहार सी छायी हुई है। एक विचित्र किस्म की आत्मीय सनसनी ब्लागर जगत में फैली हुई है। जो अपने पड़ोसी से मिलने नहीं जाते, वो ब्लागर्स मीट के लिए झोला टांगे निकल पड़ते हैं, बहुत दूर-दराज के इलाके में भी। ये इंटरनेट की सामाजिकता है। इस पर कुछ शोधपरक नजर डालिये। यह वर्चुअल का रीयल सामाजिक इंपेक्ट है। इंटरनेट कहीं काट रहा है तो कहीं जोड़ भी ऱहा है। ब्लागर्स समुदाय के समाजशास्त्र, सामाजिक आदतों पर भी अपनी रिसर्च को लिंक कीजिये।
वैसे आप ना करें, तो भी चलेगा। अभी तो बहूत काम होना बाकी है।
शुभकामनाएं

notepad said...

आलोक जी ,
लिन्कित मन नीलिमा जी का है । वही शोध कर रही है।हम तो अभी शोध कर के हटे है बस ,आप फ़िर से पचडे मे न डालिए :)वैसे आपकी बातो पर नीलिमा जी तक पहच ही चुकी होगी ।कुछ लिखा जाएगा ।
काकेश
काकेश तुम्हारे ब्लाग की शनि की महादशा चल रही है ।कुछ उपाय करो ।

काकेश said...

जी मान गये रिन सुपर को और आपकी पारखी नजर को कि आपने शनि की दशा को पकड़ लिया ..सचमुच दशा है जी कि सब को लिंकित करने वाली शोधार्थी गिनतियां भूलकर जब? हमें लिंकित करना भूल सकती हैं तो क्या कहें ..आप ही कुछ उपाय बतायें ..वैसे हम 3 नीबू 20 मिर्ची वाला उपाय किये थे फिर भी नजर लग गयी..

मॉनीटर अभी तक काला है और हमारा चेहरा लाल..ना जाने कैसी रंगबाजी है...

रवीन्द्र रंजन said...

ब्लाग हिट कराने के इतने बेहतरीन और अनमोल आयडियों के लिये धन्यावाद। वाकई बाजी मार ली आपने ऐसे-ऐसे नुस्खे देकर। अभी तक कहां थी आप?

Isht Deo Sankrityaayan said...

क्या आलोक जी! नाम में पुराणिक, काम में पुराण. ये हर जगह पुरा-तत्व की भीड़ क्यों लगाए रहते हैं? वर्ल्ड हेरिटेज वाली लिस्ट में आना चाहते हैं क्या?

सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव said...

क्या बात है आजकल सभी लोग हिट होने का फॉर्मूला ही बता रहे हैं। कहीं ये भी तो हिट होने का एक तरीका नहीं है?

Udan Tashtari said...

फर्मूले तो कारगर मालूम होते हैं. कौनो कस्टम और दे दो तो बाकियों से ज्यादा हिट हो जाये तब ही सही चिकिनगुनिया से हिफाजत होगी. :) जल्दी बताओ, तारनहार!!!

अनूप शुक्ला said...

ये पोस्ट हिट!

masijeevi said...

इस हिटास से तो बचने की ही कामना की जा सकती है।

Shrish said...

देखिए आपका नुस्खा आजमाने से हमारा मॉनीटर टें बोल गया, अब हर्जाने के तौर पर उसको ठीक कराने का बिल भेज रहे हैं।

mamta said...

हिट क्या सुपर हिट है।

बोगटी सरोज said...

क्या बात कर रहे हो??? सच? यार्.... पुराने जुते चलेङ्गे? वाकाइ, बहोत खुब्, आज कि साम को हि आप का नुस्खा अख्तियार कर लेता हु । वैसे.. इस पोस्ट कि अगली भाग कब तक आ रही है?