
स्त्री जाति हृदयहीन नही है। माँ , बहन ,बेटी,पत्नी,सखी ,साथिन - सभी रूपों में उसने अपने साथी पुरुष को हमेशा सम्बल दिया ,उसके हितों को सर्वोपरि रखा। लेकिन आज के युग मे वह पुरुष पर अत्याचार करने लगी,बलात्कार करने लगी ,कलहकारिणी हो गयी, अर्द्धनग्न हो गयी ,कामिनी बन बन जवान पुरुषों को कामोन्मत्त करने लगीं ऐसा कि वे प्रताड़ित ,शोषित महसूस करने लगे।इतनी अर्द्धनग्न बालाएँ देख आज का जवान {प्रौढ और बूढा भी}अपने मन को कैसे काबू में रखे।खूंटे से बान्धे रहे ?आज तक बन्धा है कभी ? बान्ध लेंगे तो जैसे ही किसी दिन रस्से खुली या टूटी सब्र ढह जाएगा और अनर्थ हो जाएगा। सब इन नारीवादी ,आधुनिकाओं ,नये ज़माने की औरतों के कारण जो अपना तन ठीक से ढंकती नही।
बहनो,
ऐसा अत्याचार देख मेरा मन द्रवित हो रहा है। साड़ी में नाभि दिख जाती है , कमर दिखती है ,पीठ भी दिख जाती है ,ऑफिस में पुरुष कैसे काम करेगा ? बस में बिना चिपके कैसे खड़ा रह सकेगा?
जींस में फिगर दिखती है । कामिनी की कल्पना कर कर साथी पुरुष कैसे काम -पीड़ित हो रह पाएगा?बताइये भला ?क्या आप उन्हें बलात्कार या छेड़खानी की मानसिक ग्लानि से आज़ादी नही दिलवाना चाहतीं ?
ब्लाउस में भी क्लीवेज दिख जाती है ।सलवार-कमीज़ पर दुपट्टा न डालो तो उभरे उरोज़ देख बेचारा पुरुष पटखनियाँ खा खाकर बेहाल हो जाता है।
क्या आप वाकई पुरुष समाज को इतना दुख देना चाहती हैं ?अधिकांश अच्छी बहनें "नहीं" में उत्तर देंगी। और उपाय खोजना चाहेंगी ।
मेरे पास एक बढिया उपाय है । क्यों न हम सभी आज से बुर्खा पहनने का प्रण लें और बढते बलात्कारों और बदतमीज़ियों को होने से रोकें। साथ ही हमारे पुरुष साथियों का भी भला होगा। न नाभि ,पीठ,कमर ,यहँ तक कि चेहरा{कटीले नैन ,रसीले होंठ}दिखेंगे न ही वे मानसिक रूप से बलत्कृत होंगे।
और यूँ भी पुरुषों से अधिक स्त्रियां बलात्कार करती हैं, लेकिन वे मानसिक सतह पर करती हैं इस कारण बच जाती हैं. समाज में जहां भी देखें आज अधनंगी स्त्रियां दिखती हैं. पुरुष की वासना को भडका कर स्त्रियां जिस तरह से उनका मानसिक शोषण करती हैं वह पुरुषों का सामूहिक बलात्कार ही है. किसी जवान पुरुष से पूछ कर देखें. पुरुष को सजा हो जाती है, लेकिन किसी स्त्री को कभी इस मामले में सजा होते आपने देखा है क्या.
हमें अपनी नैतिक ज़िम्मेदारियों को समझना चाहिये। समाज पतन की ओर जा रहा है ।हम उसे बचा सकते हैं।आइये अपने भाइयों , मित्रों , ब्लॉगर बन्धुओं ,पिताओं , दूसरों के पतियों , अपने बेटों को बचायें ।